आओ बच्चो प्यारे बच्चो मिलकर खेले हम एक खेल आगे पीछे जुड़कर बच्चो चलो बना ले लम्बी रेल जो तोड़ेगा खेल की रेल उसको जाना होगा जेल अगर प्यार से खेले हम सब बढ़ता है बच्चो मे मेल
रंग-बिरंगे प्यारे फूल प्रातः बाग में खिलते फूल भौरें रहे कलियों पर झूल सूरज जब सिर पर आता खूब गर्मी बरसाता लेकिन जब है बारिश आती गर्मी सारी कहीं भाग जाती तब खिलते हैं धरती पर रंग-बिरंगे प्यारे फूल सभी फूल हंसते हैं बाग में जैसे बच्चों की मुस्कान
बसंत की हवा के साथ रंगती मन को मलती चेहरे पर हाथ ये होली लिए रंगों की टोली लाल गुलाबी बैंगनी हरी पीली ये नवरंगी तितली है आज तो जाएगी घर घर दर दर ये मौज मनाएंगी भूल पुराने झगड़े सारे सबको गले लगाएगी पीली फूली सरसौं रानी
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